विधानसभा के 17 वें अध्यक्ष बने विपिन सिंह परमार

विधानसभा सदन के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष का पद का चुनाव किया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपिन सिंह परमार के नाम का प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए सदन में रखा जिसका समर्थन विधायक और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राजीव बिंदल ने किया। मंत्रियों की तरफ से भी विपिन सिंह परमार के अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव किया। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने सर्वसम्मति से विपिन सिंह परमार के अध्यक्ष बनने की घोषणा सदन में की। विपिन सिंह परमार इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री के पद पर थे लेकिन अब बीजेपी हाई कमान ने उनको विधानसभा अध्यक्ष का दायित्व सौंपा है। विपिन सिंह परमार सुलह से भाजपा के टिकट पर चुनकर विधानसभा में आये हैं। विपिन सिंह परमार का जन्म 15 मार्च 1964 को गांव ननाओ पालमपुर कांगड़ा में हुआ था। विपिन सिंह परमार कुल तीन बार विधायक चुन कर आए हैं। विपिन सिंह परमार प्रदेश विधानसभा के 17 वे अध्यक्ष के रूप में चुने गए हैं।


इससे पहले विपिन सिंह परमार ने मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री के पद से अपना त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सुबह ही अपना त्याग पत्र सौंप दिया, जिसे सांय राज्यपाल की स्वीकृति के लिए राजभवन भेजा गया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सिफारिश पर स्वास्थ्य मंत्री के पद से विपिन सिंह परमार का त्याग पत्र स्वीकार कर लिया है। विपिन सिंह परमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मंत्रिमंडल सहयोगियों, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल और भाजपा विधायकों के साथ विधानसभा सचिव के पास अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। वह कांगड़ा जिला के सुलह विधानसभा हलके से विधायक हैं और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के करीबी माने जाते हैं।


विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए परमार के नाम का एलान सोमवार शाम को भाजपा विधायक दल बैठक के बाद किया गया, जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वयं मीडिया को दी। परमार विधानसभा में इस बार तीसरी बार चुनकर आए हैं। अब विधानसभा अध्यक्ष पद पर बुधवार को उनका औपचारिक चयन होगा। विपक्ष की तरफ से अध्यक्ष पद के लिए कोई प्रत्याशी नहीं उतारा गया है। परमार भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। वे वर्ष 1998, वर्ष 2007 और वर्ष 2017 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। उनका जन्म 15 मार्च, 1964 को कांगड़ा जिला की पालमपुर तहसील के ननाओं गांव में हुआ। वे विद्यार्थी जीवन में ए.बी.वी.पी में सक्रिय रहे। प्रदेश की विभिन्न सरकारों में स्वास्थ्य मंत्री रहे विधायकों का विधानसभा अध्यक्ष पद से गहरा नाता लगता है। स्पीकर के पद पर बैठने वाले कई विधायक अपनी-अपनी सरकारों में स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं। चाहे कौल सिंह ठाकुर हों, डा. राजीव बिंदल हो या फिर अब विपिन सिंह परमार। ये तीनों अपनी-अपनी सरकारों में स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं और विधानसभा अध्यक्ष पद पर विराजमान हुए हैं।