निष्पक्ष व शांतिपूर्ण निकाय चुनाव सुनिश्चित करे आयोग: राज्यपाल

(जी.एन.एस) ता. 28
कोलकाता
बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को राज्य चुनाव आयुक्त सौरभ कुमार दास के साथ राजभवन में महत्वपूर्ण बैठक की। करीब 20 मिनट चली बैठक के दौरान राज्यपाल ने राज्य चुनाव आयुक्त को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व व्यवस्थित तरीके से चुनाव सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया। इस बाबत उन्होंने पांच-सूत्री निर्देश दिए। पहला, निर्बाध और निष्पक्ष मतदान। दूसरा, पंचायत चुनाव की पुनरावृत्ति न हो। तीसरा, किसी तरह की ¨हसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चौथा, चुनाव की तिथि राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श कर तय करें लेकिन उससे पहले विपक्ष से भी रायशुमारी कर उनके भी मत को महत्व दें और पांचवां, संविधान के नियमों का उल्लंघन न हो।
राज्यपाल ने कहा कि 2018 में पंचायत चुनाव के दौरान हुई व्यापक हिंसा की पुनरावृत्ति किसी सूरत में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति से लेकर निकाय चुनाव की तैयारियों तक के बारे में विस्तृत जानकारी ली और उचित दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आयोग के सचिव नीलांजन सांडिल्य भी मौजूद थे। बंगाल के चुनावी इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पहले राज्यपाल ने इसे लेकर राज्य चुनाव आयुक्त के साथ बैठक की है। राज्य चुनाव आयुक्त ने बैठक के दौरान राज्यपाल को सूचित किया कि निकाय चुनाव को लेकर आयोग ने 4 मार्च को सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है। मार्च के दूसरे हफ्ते तक शिकायत प्रबंधन प्रणाली शुरू कर दी जाएगी। राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि संवैधानिक निकाय के रूप में आयोग सभी दलों और उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करते हुए स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मतदाता स्वतंत्र रूप से मतदान कर सके, यह सुनिश्चित करना आयोग की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल ने इस बात को भी रेखांकित किया कि संवैधानिक रूप से अनुच्छेद 243 के तहत राज्य चुनाव आयोग के पास वे सारे अधिकार हैं, जो केंद्रीय चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत प्राप्त हैं। ये अधिकार यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि सभी दलों को समान अवसर मिले और सत्ताधारी दल को अनुचित लाभ न हो। केंद्रीय चुनाव आयोग की तरह निकाय चुनाव के दौरान नौकरशाही में फेरबदल या स्थानांतरण की जरूरत पड़ने पर राज्य चुनाव आयोग यह भी कदम उठाए। उन्होंने किसी भी प्रकार की आशंका को दूर करने के लिए सभी दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोग को बैठक करते रहने का भी आह्वान किया। राज्यपाल ने मतदाताओं से भी आह्वान किया कि वे निष्पक्ष और निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। कोलकाता नगर निगम सहित राज्य की 107 नगरपालिकाओं के लिए अप्रैल के मध्य में चुनाव की संभावना है। राज्य सरकार 12 से 26 अप्रैल के बीच चुनाव कराने की इच्छुक है।