मुख्यमंत्री होने के नाते केजरीवाल को नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली के लोगों का भ्रम दूर करना चाहिए - मनोज तिवारी

केंद्रीय गृहमंत्री के साथ बैठक के दौरान भी दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं कहा और बैठक में हुई चर्चाओं पर अपनी सहमति जताई और साथ में मिलकर दिल्ली में शांति स्थापित करने की बात भी कही और अब सेना बुलाए जाने की बात रहे हैं। हिंसक घटनाओं पर चिंता जताते हुए श्री तिवारी ने कहा कि दिल्ली में जिस तरह का हिंसा का माहौल है वो मन को विचलित कर रहा है, लोगों की तकलीफ को देखकर मन दुखी है। पिछले तीन रातों से हम लगातार जनता के संपर्क में हैं, लोगों से सूचना मिलने पर पुलिस को भी इत्तिला कर रहे हैं। ये घटनाएं बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।तिवारी ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को भी नागरिकता कानून की समझ होगी कि ये कानून किसी भी भारतीय नागरिक पर लागू नहीं होता है बल्कि शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए है। अगर केजरीवाल सच में चाहते हैं कि दिल्ली में अराजकता का माहौल न हो और शांति बनी रहे तो उन्हें मुख्यमंत्री होने के नाते नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली के लोगों का भ्रम दूर करना चाहिए, उन्हे समझाना चाहिए। हिंसा से सिर्फ नुकसान ही होता है, कोई हल नहीं निकलता।