एशिया का सबसे बड़ा गार्डन 13 लाख ट्यूलिप से होगा गुलजार

कश्मीर घाटी को पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार सक्रिय हो गई है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद पर्यटकों की संख्या में आई गिरावट को बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग ने कमर कस ली है। पयर्टकों का रुख कश्मीर की ओर आकर्षित करने के लिए पर्यटन विभाग द्घारा कई राज्यों में रोड शो किए जा रहे हैं। इसी के तहत पर्यटक विभाग ने श्रीनगर में स्थित एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन में 13 लाख के करीब ट्यूलिप फूल लगाए गए हैं। ट्यूलिप गार्डन के मैनेजर शेख अल्ताफ ने बताया कि इस बार गार्डन में 3 लाख ट्यूलिप के फूल लगाए गए हैं। अगर मौसम ठीक रहा तो यह फूल अच्छे से खिलेंगे। इस बार ट्यूलिप की नई किस्में विदेशों से आयात की गई है। जल्द ही इसे मार्च तक खोल दिया जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही ट्यूलिप के रंगे-बिरंगे फूल घाटी की सुंदरता को और बढ़ावा देंगें। गार्डन के साथ पर्यटकों के लिए एक वाटर चैनल और चेरी गार्डन भी बनाया गया है।श्रीनगर की जबरवन पहाड़ों के 20 एकड़ में फैले सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन में 51 किस्मों के 13 लाख से अधिक ट्यूलिप पर्यटकों को रूझाएंगे। पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि चार से पांच लाख पर्यटक इस गार्डन को देखने आएंगे। यहां ट्यूलिप के साथ-साथ कई फूल भी लगाए गए हैं ताकि आने वाले पर्यटकों का आर्कषण केंद्र बना रहे। वहीं गार्डन को और आर्कषित करने और पर्यटकों को लाने के तहत बाग में पांच करोड़ रुपये खर्च किये जांएगे। ट्यूलिप गार्डन की देख रेख का काम राज्य प्रशासन के दो विभाग कर रहे हैं। इस बार पर्यटकों के लिए ट्यूलिप के साथ-साथ जापान में होने वाले चेरी फेस्टिवल की तरह चेरी थीम पर विभिन प्रकार के फूलों की भी नुमाइश की जाएगी।